आजकल की पीढ़ियों में patience की कितनी कमी है ये आए दिन देखे जाते रहे हैं। लोग सफलता की चाह में सीखना भूल जाते हैं और जीतने के लिए जिद और जुनून में फर्क नहीं कर पाते हैं। नतीजा, असफलता के डर से आत्महत्या तक कर डालते हैं।
आमतौर पर आज की पीढ़ियों में दोस्तों की या यूं कहें के अच्छे दोस्तों की कमी की वजह से ऐसा होता है ये कहना गलत नहीं होगा। अब सवाल आता है के हम अच्छे दोस्त लाए कहां से? अच्छे दोस्त हमारे अपने perent बन सकते हैं या हमारे भाई बहन, जिनसे हम अपने मन की सारी बाते share कर सके।
Friendship is the best quality in any relationship.
अगर हर रिश्ते में दोस्ती हो जाए या ज्यादातर तो यकीन माने डिप्रेशन जैसी स्थिति कभी भी नहीं आयेगी। पर ऐसा होता ही नहीं है क्योंकि हर एक की मनोदशा है अपनी इच्छा दूसरे पर थोपना और यहीं से शुरुआत होती है बाहर दोस्त ढूंढने की। जो़ बिल्कुल अपने जैसा सोचता हो या support करता हो।
इसीलिए कहते हैं के दोस्त बनिए और दोस्त बनाइए अपनों को, दोस्ती कीजिए अपनों से। किसी भी रिश्ते में चाहे वो मा बेटी का हो,बाप बेटे का, भाई बहन का या husband wife ka..
ये हो सकता है सिर्फ एक दूसरे को समझने से, हर बार अपनी इच्छा को दूसरे पर ना मढ़ने से ।
Good luck
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